Spring Semester 02: Just a Tradition हिन्दी जनवरी में, हॉस्टल के फेरबदल ने, फ़र्स्ट-ईयर और सीनियर्स को सी-ब्लॉक की एक ही विंग में डाल दिया। सी-ब्लॉक में सालों से वही एंटी-रैगिंग नोटिस लगा है। अब उसे कोई नहीं पढ़ता। अमन! इंट्रो टाइम। दो सौ चौदह, दो मिनट में। अभी, भैया? आठ बजे मेरी लैब है। तो जल्दी करो। क्या? सबके साथ हुआ है। सो जा, यार। विंग में सबको इंट्रो के बारे में पता था। किसी ने एक शब्द नहीं कहा। यहाँ बैठ जाऊँ? मैं तन्वी हूँ। इस हफ़्ते ब्रेकफ़ास्ट ड्यूटी पर हूँ। ठीक है, तन्वी दी। आज पोहा सेफ़ है। मैंने ख़ुद टेस्ट किया है। भूख नहीं है। कल रात नींद आई? थोड़ी। नई विंग कैसी है? वो हमें रात को बुलाते हैं। इंट्रो के लिए। सब कहते हैं, ये नॉर्मल है। मैंने डीन के बॉक्स में एक पर्ची डाली थी। बिना नाम के। हमने उसे सोमवार को पढ़ा। इसीलिए मैं यहाँ बैठी हूँ। अमन, वो जो कर रहे हैं, वो रैगिंग है। भले ही कोई तुम्हें हाथ न लगाए। नियमों में बुलिंग और अलग-थलग करना भी गिना जाता है। अगर मैंने शिकायत की, तो उन्हें पता चल जाएगा कि मैं था। मुझे वहीं रहना है। तुम इसकी रिपोर्ट गोपनीय तरीक़े से कर सकते हो। और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस कहती हैं, बदला लेने वाले के लिए ज़ीरो टॉलरेंस। मैंने उन्हें दो बार पढ़ा है। आप मेरे साथ चलेंगी? अर्जुन सर के पास। वो हमारे जूनियर वार्डन हैं। थोड़े नर्वस, पर अच्छे हैं। पहले चाय ख़त्म करो। मुझे बताने के लिए शुक्रिया, अमन। इसके लिए हिम्मत चाहिए थी। तुम क्या चाहते हो, कि आगे क्या हो? मैं चाहता हूँ कि ये रुक जाए। मैं नहीं चाहता कि किसी को निकाला जाए। मैं बस सोना चाहता हूँ। अगर मैं आज रात उस विंग पर चढ़ाई करके चिल्लाऊँ, तो सबको पता चल जाएगा कि किसने बोला। और वहाँ मैं नहीं रहता। तुम रहते हो। तो चढ़ाई मत कीजिए, सर। एंटी-रैगिंग कमेटी आज ही बैठ सकती है। मैं प्रकाश सर से कहता हूँ, कि मीटिंग बुलाएँ। रैगिंग। मेरे सी-ब्लॉक में। सबको सस्पेंड किया जाए। उस विंग का हर सीनियर, आज ही। आदेश पर दस्तख़त मैं ख़ुद करूँगा। सर, सबको? उनमें से कुछ तो सो रहे थे। बेटा। पैंतीस साल पहले, मेरे सीनियर्स मुझसे रात दो बजे अपने दरवाज़े के बाहर गाना गवाते थे। हर रात, एक महीने तक। मैंने किसी को नहीं बताया। अपने पिताजी को भी नहीं। फिर वो रुका, सर? जब वो पास आउट हो गए। सर, ये चाहता है कि ये सब रुक जाए। और कल उस विंग में, बिना डरे सो सके। चार बजे कमेटी। अध्यक्षता मैं करूँगा। एंटी-रैगिंग कमेटी उसी दोपहर बैठी। सर, ये तो परंपरा है। हमारे साथ भी हुआ था। खसरा भी हुआ था। तुम आज ही सी-ब्लॉक छोड़ोगे, बाक़ी पूरे सेमेस्टर के लिए। ये तुम्हारे रिकॉर्ड में जाएगा। कल, तुम जोसेफ़ के साथ बैठोगे। और अगर उस विंग में किसी ने किसी फ़र्स्ट-ईयर को टेढ़ी नज़र से देखा भी, तो जवाब मुझे देगा। दो हज़ार सोलह से, यूजीसी की रैगिंग की परिभाषा में, बुलिंग और अलग-थलग करना भी शामिल है। इसमें कोई भी स्टूडेंट आता है, फ्रेशर हो या नहीं, जिसे उसकी जाति, क्षेत्र, भाषा, रंग-रूप, जेंडर, सेक्शुअल ओरिएंटेशन या आर्थिक पृष्ठभूमि की वजह से निशाना बनाया जाए। किसी ने अमन को हाथ तक नहीं लगाया। फिर भी, ये गिना जाता है। और ज़्यादातर रैगिंग की कभी रिपोर्ट ही नहीं होती। सोसाइटी अगेंस्ट वायलेंस इन एजुकेशन की एक रिपोर्ट ने, दो हज़ार बाईस से दो हज़ार चौबीस तक, राष्ट्रीय हेल्पलाइन पर आई शिकायतें गिनीं। मेडिकल कॉलेजों में, करीब एक दशमलव एक प्रतिशत स्टूडेंट्स हैं। उनसे अड़तीस दशमलव छह प्रतिशत शिकायतें आईं। और लेखक कहते हैं, कि बहुत कम पीड़ित ही सामने आते हैं। इसलिए परिभाषा ज़ोर से पढ़ी जानी चाहिए, वहाँ जहाँ स्टूडेंट्स उसे सुन सकें। उसी दिन कार्रवाई कीजिए, जैसे कमेटी ने की। और जो भी आवाज़ उठाए, उसे बचाइए। सुप्रीम कोर्ट की दो हज़ार पच्चीस की गाइडलाइंस कहती हैं, कि शिकायत करने वाले से बदला लेने पर ज़ीरो टॉलरेंस हो। मुझे इस हॉस्टल में अपने पहले हफ़्ते के बारे में बताओ। हमें भी रात को बुलाते थे। और? मैं जागता पड़ा रहता था, दस्तक के इंतज़ार में। किसी ने रोका? किसी ने एक शब्द नहीं कहा। यानी तुम्हें ठीक-ठीक पता था, कि अमन की रातें कैसी थीं। हमें लगा था, ये मज़ेदार है। कमरे के अंदर, मज़ेदार था। तुम दोनों अमन को एक-एक ख़त लिखोगे, अपने शब्दों में। पढ़ना है या नहीं, ये वो तय करेगा। बैठ सकता हूँ? हम्म। उस रात मैंने तुम्हें अंदर जाते देखा था। मैं बेसिन पर था। मुझे कुछ कहना चाहिए था। मुझे डर था, कि अगली बारी मेरी होगी। तुम भी तो फ़र्स्ट-ईयर हो। फिर भी। माफ़ करना। उस मशहूर ट्रंक में कुछ बचा है? दो लड्डू। इमरजेंसी के लिए बचाकर रखे थे। ये इमरजेंसी ही है। सब लोग, दो मिनट। मैं इसे एक बार ज़ोर से पढ़ रहा हूँ, ताकि कोई ये न कह सके कि उसे पता नहीं था। रैगिंग है, “शारीरिक या मानसिक दुर्व्यवहार का कोई भी काम, बुलिंग और अलग-थलग करने समेत, जो किसी दूसरे स्टूडेंट को निशाना बनाए, फ्रेशर हो या नहीं।” अगर ये तुम्हारे साथ हो, तो मेरे पास आओ, या कमेटी के पास। तुम्हारा नाम गोपनीय रहेगा। सर, और अगर हम किसी और के साथ होता देखें तो? तो मुझे फ़ोन करना। उसी रात। इस हफ़्ते ये आज़माइए: अपने कैंपस की रैगिंग की परिभाषा, अपनी क्लास या हॉस्टल में ज़ोर से पढ़कर सुनाइए, और बताइए कि इसकी रिपोर्ट कैसे करें। और याद रखने के लिए, एक वाक्य। जो चुप्पी माँगे, वो परंपरा नहीं। मदद से जुड़ी जानकारी और सोर्स, इस वीडियो के नीचे दिए गए हैं। अगले हफ़्ते फिर मिलेंगे।