Reading the NEP 05: The Holistic Degree हिन्दी इस साल बहुत से कॉलेजों में प्रथम वर्ष की छात्रा के कोर्स फ़ॉर्म में एक खाना उसके अपने विषय का है। पाँच और खाने उसके बाहर के कोर्सों के लिए हैं। एक पिता ने मुझे अपनी बेटी का फ़ॉर्म दिखाया: केमिस्ट्री, लिटरेचर और वॉटर टेस्टिंग, और आगे एक इंटर्नशिप। उन्होंने पूछा कि क्या यह अब भी केमिस्ट्री की डिग्री है। ये खाने नीति के अध्याय ग्यारह से निकले हैं। वहाँ एक वाक्य ऐसे छात्र की माँग करता है जो कई क्षेत्रों में दख़ल रखे और एक चुने हुए क्षेत्र में अच्छी विशेषज्ञता हासिल करे। अध्याय ग्यारह तक्षशिला और नालंदा से शुरू होता है, और अच्छी शिक्षा के एक पुराने भारतीय विचार से, कि वह चौंसठ कलाओं का ज्ञान है। वह कहता है कि इन कलाओं में गायन और चित्रकला, रसायनशास्त्र और गणित, बढ़ई का काम और औषधि, और चर्चा और वाद-संवाद के कौशल शामिल थे। अगला पैराग्राफ़ कहता है कि आकलन बताते हैं, मानविकी और कला को विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित के साथ जोड़ने से सकारात्मक शैक्षणिक परिणाम मिले हैं। इनमें वह रचनात्मकता और आलोचनात्मक चिंतन को गिनाता है। यह पैराग्राफ़ किसी अध्ययन का हवाला नहीं देता, और नीति में संदर्भों की कोई सूची नहीं है। और मेजर? अगर वो ये सारे दूसरे कोर्स लेगी, तो क्या केमिस्ट्री सिकुड़ जाएगी? पाठ ऐसा नहीं कहता। विस्तार वाला उसका वाक्य एक चुने हुए क्षेत्र में अच्छी विशेषज्ञता की माँग पर ख़त्म होता है। वह कहता है कि आगे चलकर सभी स्नातक कार्यक्रमों का यही दृष्टिकोण होगा, पेशेवर और व्यावसायिक कार्यक्रमों का भी। आईआईटी जैसे इंजीनियरिंग संस्थानों को कला और मानविकी के साथ बहु-विषयक शिक्षा की ओर बढ़ना है। कला और मानविकी के छात्र भी विज्ञान सीखेंगे। फिर अध्याय सोलह विभागों के नाम गिनाता है जिन्हें हर संस्थान में स्थापित या मज़बूत किया जाना है, भाषा, संगीत और दर्शन से लेकर गणित, अर्थशास्त्र और खेल तक। हमारे कॉलेज में पाँच विभाग हैं और संगीत का कोई टीचर नहीं। मेरी छात्रा बाक़ी विषय कहाँ से पढ़े? वही पैराग्राफ़ कहता है कि जहाँ कोई विषय कक्षा में नहीं पढ़ाया जाता, वहाँ छात्र मुक्त दूरस्थ शिक्षा के ज़रिये उसका क्रेडिट ले सकता है। हर संस्थान के पाठ्यक्रम में सामुदायिक जुड़ाव, पर्यावरण शिक्षा और मूल्यों के क्रेडिट कोर्स भी होने हैं। उसकी मूल्यों की सूची सत्य और अहिंसा से लेकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नागरिक मूल्यों तक जाती है। और हर जगह छात्रों को स्थानीय उद्योग, कलाकारों और शिल्पकारों के साथ इंटर्नशिप, और शिक्षकों के साथ शोध इंटर्नशिप के अवसर मिलने हैं। दिसंबर दो हज़ार बाईस में यूजीसी के क्रेडिट फ़्रेमवर्क ने इन पैराग्राफ़ों को उसके फ़ॉर्म के खानों में बदल दिया। कम से कम आधे क्रेडिट मेजर को जाते हैं और पाँचवाँ हिस्सा माइनर को। बाक़ी दूसरे विषयों, भाषाओं, कौशल, मूल्य संवर्धित कोर्सों और एक इंटर्नशिप को जाते हैं। अप्रैल दो हज़ार पच्चीस में वह पहली संख्या बाध्यकारी बन गई। यूजीसी विनियम अब कहते हैं कि छात्र को अपने कुल क्रेडिट का कम से कम आधा एक विषय में अर्जित करना होगा। तीन साल की डिग्री में यह एक सौ बीस में से साठ है। बाक़ी खाने फ़्रेमवर्क पर टिके हैं, और दो हज़ार बाईस से चौबीस के बीच सामुदायिक काम, पर्यावरण, मूल्यों और इंटर्नशिप पर जारी यूजीसी के दिशानिर्देशों पर। मसलन, सामुदायिक जुड़ाव का कोर्स दो क्रेडिट का है, जिसका कम से कम आधा समय फ़ील्ड में बीतता है। दिशानिर्देशों का ज़ोर विनियम से कम होता है। अध्याय ग्यारह इस तरह के मॉडल सार्वजनिक विश्वविद्यालयों की माँग भी करता है, आईआईटी की तर्ज पर। जुलाई दो हज़ार पच्चीस में केंद्र सरकार ने पैंतीस सार्वजनिक विश्वविद्यालय गिनाए, जिनमें हर एक को इसके लिए सौ करोड़ रुपये आवंटित हुए। तो क्या इतने फैलाव से उसकी गहराई घटेगी? दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति दिनेश सिंह लिख चुके हैं कि स्नातक स्तर की बहुत सारी मेहनत ब्लैकबोर्ड पर रटाई में बर्बाद होती है। दो हज़ार दस से पंद्रह तक उन्होंने वहाँ प्रयोग किए, जिनमें छात्रों को उनके अपने उद्यमों के लिए क्रेडिट मिला। वे लिखते हैं कि दो हज़ार तेरह में दूसरे साल के तीन छात्रों ने एक कंपनी शुरू की। उनकी नज़र में नीति ज्ञान को अमल में लाती है। तब सेंट स्टीफ़ंस कॉलेज में गणित पढ़ाने वाली नंदिता नारायण ने जून दो हज़ार बाईस में दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रस्तावित गणित के सिलेबस के ख़िलाफ़ शिक्षकों की एक याचिका पर दस्तख़त किए। उसमें सोलह की जगह अठारह कोर पेपर थे, और छियासठ की जगह चौवन लेक्चर क्रेडिट। उन्होंने पूछा कि कम घंटों में सीखना कैसे होगा। और इस सेमेस्टर, मेरे अपने कोर्स में, क्या बदलना चाहिए? पता कीजिए कि आपके विश्वविद्यालय की सूची में आपका कोर्स कौन सा खाना भरता है। संबद्ध कॉलेज में यह सूची आमतौर पर विश्वविद्यालय से आती है। आपका कोर्स किसी मेजर का हिस्सा हो सकता है, किसी माइनर का, या उन कोर्सों का जो हर छात्र के लिए खुले हैं। इससे पता चलता है कि कक्षा में कौन बैठेगा। अगर दूसरे विषयों के छात्र इसे लेते हैं, तो उस चीज़ से शुरू कीजिए जिसे आप मानकर चलते हैं। अर्थशास्त्र के शिक्षक अवसर लागत से शुरू कर सकते हैं, और संगीत के शिक्षक इससे कि लय को कैसे सुनें। फिर एक ऐसा असाइनमेंट दीजिए जिसमें दूसरे विषय की ज़रूरत पड़े। इतिहास की कक्षा गाँव के किसी भू-अभिलेख को बारिश की एक तालिका के साथ पढ़ सकती है। उसके पिता को मैं रेगुलेशन दिखा सकती हूँ: कम से कम आधी केमिस्ट्री है। बाक़ी उसके समय के लायक़ है या नहीं, यह इस पर है कि हम उसमें क्या पढ़ाते हैं। अध्याय ग्यारह पाठ्यक्रम तय करने में शिक्षकों की स्वायत्तता की बात करता है। पूरी नीति और हमारे स्रोतों के लिंक नीचे दिए गए हैं। अगली बार, डिग्री अब कितने साल की होती है, और बीच में छोड़ने वाली छात्रा अपने साथ क्या ले जाती है।